तेजस्विता 'सहरिया लर्निंग कलेक्टिव' का नेतृत्व करती हैं, एक ऐसा स्थान बनाती हैं जहाँ सहरिया नेता और सेहर (Sehr) की टीम एक-दूसरे के साथ मिलकर सीखती है। वह इसके कार्यक्रम को आकार देती हैं, सीखने की प्रक्रियाओं को सुगम बनाती हैं और प्रतिभागियों का समर्थन करती हैं क्योंकि वे 'समावेश' में योगदान देते हैं और संगठन के सामुदायिक संबंधों को गहरा करते हैं।
भारत भर में जमीनी स्तर के संगठनों और जन समूहों के साथ उनका अनुभव वन, भूमि, स्वदेशी, लैंगिक और जलवायु न्याय पर उनके काम को सूचित करता है। राजनीति विज्ञान, समाज कार्य और मानवाधिकार कानून में प्रशिक्षण एक ऐसे दृष्टिकोण का समर्थन करता है जो सुनने, सहयोग और उपयोगी सीख पर आधारित है।
तेजस्विता 'युवानिया' (Yuvaniya) नामक एक हिंदी युवा पत्रिका के साथ अपने काम से एक संपादक की संवेदनशीलता और सावधानी भी लाती हैं। किताबों, बिल्लियों, बगीचों और विभिन्न व्यंजनों को तलाशने का उनका शौक एक ऐसी जिज्ञासा को दर्शाता है जो लोगों, विचारों और रोजमर्रा की दुनिया के बीच आसानी से घूमती है जहाँ सीखना संभव होता है।