

आकांक्षा श्योपुर में सहरिया समुदाय के लोगों को मुफ्त कानूनी प्रतिनिधित्व प्रदान करती हैं। वह याचिकाओं का मसौदा तैयार करने और अदालतों, पुलिस व सार्वजनिक संस्थानों के साथ जुड़ने से पहले सबूतों को व्यवस्थित करने, प्रत्येक मामले के तथ्यों को समझने और कानूनी रणनीतियाँ विकसित करने के लिए पैरालीगल (paralegals) के साथ काम करती हैं।
जीवाजी विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक, उन्होंने शिवपुरी और श्योपुर दोनों में 'सेहर' (Sehr) के माध्यम से जनजातीय समुदायों के साथ मिलकर काम किया है। उनकी कार्यप्रणाली औपचारिक कानूनी प्रक्रिया को उन दस्तावेज़ीकरण और संबंधों से जोड़ती है जो सामुदायिक चिंताओं को संस्थागत स्थानों तक ले जाने के लिए आवश्यक हैं।
आकांक्षा को पुस्तकें, दर्शनीय स्थल, पुराने हिंदी गीत और अपराध की कहानियों का बारीकी से अवलोकन करना पसंद है। ये रुचियाँ स्वाभाविक रूप से उस जिज्ञासा और बारीकियों पर ध्यान देने के अनुकूल हैं जो वे मामलों की तैयारी में और अपने सहयोगियों व मुवक्किलों के साथ काम करने में लगाती हैं।